ओ कोरोना !!


तूँ अदृश्य है,
तूँ राजनेता नहीं है( वोट बैंक नहीं समझता),
तूँ अंधा है,
तूँ भेदभाव नहीं करता,
तूं समभाव है,
ना जात, ना पात,
ना धर्म, ना खान-पान,
तूं महान तो है ही नहीं,
परंतु शक्तिशाली है।
जा भाग जा दूर,
इस दुनिया से दूर,
ओ कोरोना !!
ओ कोरोना !!


— डॉ नरेंद्र कुमार कपूर —

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