Author: Dr. Narendra Kumar Kapoor

क्या आम, क्या खास सभी ने मनाई एक स्पेशल दिवाली दिवाली लक्ष्मण रेखा वाली। संकल्प,…

ऐतिहात बरतने में ही भलाई, तोड़कर (दूरी रखकर) ही निजात पाई। ऐ खुदा के बंदों,…

देश के योद्धाओं को, जो रात- दिन लड़ रहे हैं, कोरोना रूपी राक्षस से, देवदूतों…

मानव को ज़िंदा रखने के लिए, इंसानियत जरूरी है। कोरोना के खिलाफ इस जंग मे,…

क्यूं कोई हालात नहीं समझता ? क्यूं कोई बात नहीं समझता ? इस इम्तिहान की…

तूँ अदृश्य है, तूँ राजनेता नहीं है( वोट बैंक नहीं समझता), तूँ अंधा है, तूँ…

इस कोरोना रूपी पड़ाव ने, जिंदगी को नया आयाम दिखा दिया, अंतर्निहित शक्तियों का अहसास…

इस lockdown ने दिया सुअवसर पुराने, बहुत पुराने दोस्तों से बात करने का चर्चा हुई,…